Stock Market Crash: सेंसेक्स 1300 अंक से ज्यादा टूटा, निफ्टी 23,000 के नीचे; बाजार में हड़कंप

हफ्ते की शुरुआत घरेलू शेयर बाजार के लिए बेहद खराब रही। वैश्विक तनाव और कमजोर संकेतों के बीच सोमवार सुबह बाजार भारी गिरावट के साथ खुला, जिससे निवेशकों में घबराहट का माहौल बन गया।

ओपनिंग में ही बड़ा झटका, सेंसेक्स-निफ्टी धड़ाम
सुबह 9:15 बजे बीएसई सेंसेक्स 1316.76 अंक गिरकर 73,216.20 पर पहुंच गया। वहीं एनएसई निफ्टी50 भी 420.30 अंक टूटकर 22,694.20 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। खास बात यह रही कि निफ्टी 17 अप्रैल 2025 के बाद पहली बार 23,000 के नीचे फिसल गया।

ये दिग्गज शेयर बने गिरावट की वजह
बाजार में गिरावट के दौरान कई बड़े शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई। हिंडाल्को, टाटा स्टील, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, महिंद्रा एंड महिंद्रा और एचडीएफसी बैंक जैसे दिग्गज स्टॉक्स लाल निशान में रहे। हालांकि, मैक्स हेल्थकेयर और ओएनजीसी जैसे कुछ शेयरों में हल्की रिकवरी देखने को मिली।

हर सेक्टर में बिकवाली, मिडकैप-स्मॉलकैप भी दबाव में
सेक्टोरल इंडेक्स पर नजर डालें तो ऑटो, मीडिया, बैंकिंग, मेटल और पीएसयू बैंक—सभी सेक्टर करीब 2% तक टूट गए। इसके अलावा मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी 2% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई, जो बाजार में व्यापक कमजोरी की ओर इशारा करती है।

गिरावट के पीछे ये बड़े कारण
कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है। ब्रेंट क्रूड 111.45 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई करीब 98.16 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। ऊंची तेल कीमतें और अनिश्चितता बाजार पर दबाव बना रही हैं।

भू-राजनीतिक तनाव से बढ़ी चिंता
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजारों को झकझोर दिया है। चेतावनियों और जवाबी बयानबाजी के बीच निवेशकों में डर का माहौल है, जिसका सीधा असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा है।

एशियाई बाजारों में भी बड़ी गिरावट
एशिया-प्रशांत बाजारों में भी भारी गिरावट दर्ज की गई। जापान और दक्षिण कोरिया के प्रमुख इंडेक्स 5% से ज्यादा टूट गए, जिससे वैश्विक स्तर पर नकारात्मक माहौल बना हुआ है।

अमेरिकी बाजार भी दबाव में
अमेरिकी बाजारों पर भी इसका असर दिख रहा है। डॉव जोन्स, एसएंडपी 500 और नैस्डैक फ्यूचर्स लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं, जो आने वाले समय में और उतार-चढ़ाव के संकेत दे रहे हैं।

रुपया भी टूटा, रिकॉर्ड निचले स्तर के करीब
शेयर बाजार की गिरावट के साथ-साथ रुपये में भी कमजोरी आई है। शुरुआती कारोबार में रुपया 93.94 प्रति डॉलर के स्तर तक गिर गया, जो अब तक के सबसे निचले स्तरों में से एक है। विदेशी निवेशकों की बिकवाली और मजबूत डॉलर ने रुपये पर दबाव बढ़ाया है।


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